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अब 51 से 150 वर्ग गज की प्रॉपर्टी पर 3 लाख तक लगेगी कन्वर्जन फीस...

   Posted on 16th Sep 2017 17:16:29 in


  चंडीगढ़। रियल्टी मीडिया

कलेक्टर रेट की नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रशासन लीज होल्ड प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड में कन्वर्ट करवाने के चार्जेस निर्धारित करेगा। जनवरी में प्रशासन ने कन्वर्जन चार्जेस के जो रेट निर्धारित कर गृह मंत्रालय को भेजे थे माना जा रहा है कि वही कन्वर्जन के फाइनल रेट होंगे। इसमें 0-50 वर्ग गज के बीच की प्रॉपर्टी पर कोई कन्वर्जन फीस नहीं रखी गई है।

51 से 150 वर्ग गज के बीच की प्रॉपर्टी पर 7.5 प्रतिशत फीस अदा करनी होगी। 151-250 के बीच की प्रॉपर्टी पर कलेक्टर रेट का 10 प्रतिशत फीस तय की गई है। 250-350 वर्ग गज के बीच की प्रॉपर्टी पर 15 प्रतिशत फीस निर्धारित की गई है। 351-500 वर्ग गज के बीच की प्रॉपर्टी पर कलेक्टर रेट का 20 प्रतिशत फीस के रूप में देना होगा।

इतनी लग सकती है कन्वर्जन फीस:

51 से 150 वर्ग गज प्रॉपर्टी पर सेक्टर-1 से 12 तक लगभग 3 लाख रुपये फीस लगेगी। 14 से 37 सेक्टर तक लगभग 2.9 लाख रुपये और सेक्टर-38 से आगे के सेक्टरों में 2.75 लाख तक कन्वर्जन फीस देनी होगीी। इसी तरह से 150 से 250 वर्ग गज तक के प्लॉट पर पहले जॉन के सेक्टरों में 18.4 लाख, दूसरे जॉन में 17.5 लाख और तीसरे जॉन में 16.5 लाख तक फीस लगने की संभावना है।

250 से 350 वर्ग गज तक की प्रॉपर्टी में पहले जॉन में कन्वर्जन फीस करीब 45 लाख, दूसरे जॉन में 43 लाख और तीसरे जॉन में लगभग 40 लाख चुकाने होंगे। इसी तरह से 350 से 500 वर्ग गज की प्रॉपर्टी में कन्वर्जन फीस पहले जॉन में 84.20 लाख, दूसरे जॉन में 79.80 लाख और तीसरे जॉन में 75.7 लाख रुपये की फीस लगेगी।

अर्बन डेवलपमेंट फंड बनेगा:

एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी, ईडब्ल्यूएस, चीप हाउसेज के कन्वर्जन चार्जेस को जमा करने के लिए नया फंड अर्बन डेवलपमेंट फंड बनाया जाएगा। प्रशासन की तरफ से नगर निगम कमिश्नर इस फंड के प्रशासनिक इंचार्ज होंगे। सेंक्शन प्रोजेक्ट के लिए वह यह फंड जारी करेंगे। एमओयूडी की गाइडलाइंस के हिसाब से यह फंड खर्च होगा।

2013 से लगी है रोक:

रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने पर पिछले तीन साल से रोक लगी हुई है। प्रशासन के अफसरों ने वर्ष 2013 में यह कहकर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने पर रोक लगा दी थी कि प्रशासन इसके लिए नया रेट तय कर रहा है। शहर में हाउसिंग बोर्ड, हाउसिंग सोसायटियों के फ्लैट सहित 50 हजार से अधिक लीज होल्ड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज है। चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी 99 साल की लीज पर होती है जिसे कन्वर्जन फीस जमा कराने के बाद फ्री होल्ड कराना होता है।