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डीएमआरसी को देना पङ सकता है प्रोपर्टी टैक्स

   Posted on 2nd Dec 2017 12:22:21 in InfraStructure


दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन अभी केवल 5% सर्विस टैक्स देती है। डीएमआरसी को जल्दी ही पूर्व दिल्ली नगर निगम को प्रोपर्टी टैक्स देना पङ सकता है। ईडीएमसी ने 2011 के प्रस्ताव को खारीज कर दिया है, जो मेट्रो कॉर्पोरेशन को प्रोपर्टी टैक्स देने से बचाता था।    

दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 के तहत, डीएमआरसी एक कॉर्पोरेट कंपनी है। 2006 में जब दिल्ली  नगर निगम ने प्रोपर्टी टैक्स की मांग की थी, तो डीएमआरसी दिल्ली उच्च न्यायालय में गया था, जिन्होंने 2008 में यह फैसला किया था कि डीएमआरसी को रेलवे अधिनियम के तेहत नगर पालिका टैक्स से दूर रखा जाएगा।

2011 में एमसीडी और डीएमआरसी के बीच असहमति के बाद, उस वक्त के एलजी के साथ एक बैठक आयोजित की गई और यह निर्णय लिया गया कि डीएमआरसी केवल सर्विस टैक्स का भुगतान करेगी। डीएमआरसी की प्रोपर्टीयों को तीन श्रेणियों में बांटा गया - आवश्यक,  कमर्शियल -1 और कमर्शियल -2। एमसीडी आवश्य़क प्रोपर्टी पर 5%  टैक्स के लिए मान गई । आवश्यक प्रोपर्टी जैसे  कार्यशालाओं और रेल लाइनों पर सहमती हुई जबकि कमर्शियल प्रोपर्टी के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए गए थे।

डीएमआरसी पहले भी कई बार टैक्स में बढानें की कोशिश कर चुकी है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। निगम ऐसा अपनी आय को बढानें के लिए करता है।